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  • Writer's pictureAmit Gupta

अंजीर

अंजीर

अंजीर (गुलर) की भांति होता है। इसके झाड अरब, इरान, अफ्रीका व भारत मे होते है।

ये 2-3 वर्ष मे 10 फीट तक ऊँचा उठ जाता है और 14 वर्ष तक फलता-फूलता रहता है।

इसके फल सुखाकर ही प्रयोग मे लाए जाते हैं ।

गुण – भारी, शीतल, वात-नाशक, रक्तपित्तहारी तथा अत्यंत कान्तिदायक और उष्मा के कारण उत्पन्न हुई प्यास का शमन करता है। जमे हुए बलगम को निकालता है।

उपयोग – दो सुखे अंजीर रात को पानी मे भिगोकर सुबह खाएं और सुबह को भिगोकर रात को खाएं।

इससे बबासीर मे आराम मिलता है। प्रातःखाली पेट अंजीर खाने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।

महिलाओ के मासिक विकारों में, मानसिक दौर्बल्य होने पर या शरीर की थकान. किसी कार्य मे मन न लगना, सदा तन्द्रा सी बनी रहना आदि विकारों में 4-5 अंजीर प्रतिदिन खाने से फायदा होता है। मधुमेह में अंजीर का सेवन लाभप्रद है।

5 अंजीर 11 मुनक्के एक पाव दूध मे उबालकर, उस दूध को पीने से शरीर का रक्त शुद्ध होकर, चर्म रोग नष्ट होते हैं।



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