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  • Writer's pictureAmit Gupta

अकरकरा

अकरकरा

अकरकरा पहली बरसात होते ही इसके पौधे निकल आते है।पीले रंग के फूल गुच्छो मे निकलते है ।

अकरकरा का मुख्य गुण उष्ण वीर्य बलकारक कटु व वात पित तथा शोथको नष्ट करता है ।

अकरकरा की सुखी डंडी का चूर्ण महुए के तैल मे पकाकर पक्षाघात या जिसको हाथ-पैरो मे दर्द

होता है मालिश करे। विशेषकर जिसको sciatica ( ग्रध्रसि ) का दर्द यानि कुल्हे से नीचे पैर मे दर्द

होता है उसे बहुत आराम मिलता है ।

दांतो और मसूडों मे दर्द होने पर अकरकरा का चूर्ण से दांतो व मसूडो मे मालिश करने से आराम मिलता है ।

4 माशा अकरकरा 8 माशा केसर ,लौंग ,जायफल प्रत्येक बराबर मात्रा मे पीसकर चूर्ण कर ले और शहद मे बेर जितनी गोली बनाकर सुबह शाम दुग्ध से लें ।यह शक्तिवर्धक व वीर्य को बल देती है और थकान को कम करती है ।

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