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  • Writer's pictureAmit Gupta

इमली

इमली

इमली के वृक्ष सब जगह पाए जाते है। फली (इमली) तोड़ने पर गूदा लाल व स्फेद निकलता है।पक जाने पर इसके बीज कठोर लाल या कत्थई रंग का निकलता है। यह भी औषधि रूप मे प्रयुक्त होता है ।

गुण—इमली खट्टी, अग्निदीपक, दस्तावर, रूक्ष, गर्म, भारी, कफ, पित्तनाशक तथा रूधिरविकार नष्ट करने वाली है।

1 इमली के पानी के कुल्ले करने से गले की सूजन दूर होती है। यदि अर्श मे पीड़ा हो, तो इमली के पुष्प के रस को लगाने से शान्ति हो जाती है।

2 गर्मी का ज्वर होने पर इमली का पानी लाभ करता है। खुजली, फोड़े- फुंसी आदि चर्म रोगों में इमली के पानी को मथकर, छानकर पीने से लाभ होता है।

3 इमली का पानी पीने से दाँत का दर्द ठीक होता है और भांग का नशा भी उतर जाता है।

4 इमली के गुदे को हथेलियों और तलवों पर मलने से लू का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

5 इमली के बीज रातभर पानी में भिगोकर रखें। प्रातः छिलका उतारकर, दूध के साथ पीसकर पीने से प्रदर व प्रमेह रोगों में लाभ होता है।



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